Painful Memory

दर्द भरी यादें:-

हो सकता है आपके पास भूतकाल की बहुत सारी दर्द भरी यादें होंगी। परंतु हम अभी सिर्फ एक ही दर्दभरी याद को लेंगेऔर एक अच्छी याद को लेंगे जिसको हम बाद में प्रयोग करेंगे। तो अच्छी घटना के बारे में सोचें ।जो आपके साथ हो चुकी है। जिसमें आपको हो सकता है बहुत खुशी मिली हो। आप प्रोत्साहित हुए हो,आपको इनाम मिला हो। किसी भी एक घटना को याद करें। जैसा मैं पहले बता चुका हूं कि इस घटना का उपयोग हम बाद में करेंगे।

चलिए अब शुरू करते हैं।

पहला चरण

भूतकाल की एक दर्द भरी घटना के बारे में सोचें।  कल्पना करें कि आप एक कुर्सी पर बैठे  हुए हैं।  कल्पना करें आप से कुछ दूरी पर एक कांच की दीवार है और यह दीवार पारदर्शी दीवार हैऔर इसकी दूसरी तरफ भी आप आसानी से देख सकते हैं।

दूसरा चरण

कल्पना करें कि उस छोटे से लकड़ी के टेबल के ऊपर एक पुराना सा टीवी रखा हुआ है। इस का रिमोट आपके हाथ में है। अब आपके हाथ में जो रिमोट है उसमें एक बटन है ।उस बटन को दबाएं और कल्पना करेंगे टीवी में आपके वह “दर्दभरी” याद शुरू हो गई है ।आप उसे देख रहे हैं । इस घटना को 8 से 10 सेकंड के लिए देखें जैसा भी आपके साथ हुआ था  उस घटना में।   अब फिल्मको रिमोट की सहायता से रोक दें।

तीसरा चरण

दोबारा से फिल्म को देखना शुरू करें। अब कल्पना करें आप के हाथ में जो  रिमोट है। उसमें आवाज (Volume) का जो बटन है। उससे आप उस घटना का आवाज धीरे-धीरे कम कर रहे हैं। कल्पना करेंगे टीवी पर आवाज के सांकेतिक चिन्ह  कम हो रहे हैं।

Colour ………………..10

Colour ………………9

Sound ……………..8

Sound ……………7

Sound …………6

Sound ……….5

Sound …….4

Sound……3

Sound …2

Sound ..1

Sound .0

अब आप इस मूवी को बिना आवाज के देखें।

चौथा चरण

एक बार फिर से मूवी को देखना शुरू करें । एक बार फिर से रिमोट के  उस बटन को दबाएं जिससे टीवी का  रंग श्वेत श्याम हो जाता है या यूं कहें ब्लैक एंड वाइट हो जाता है। कल्पना करें कि टीवी पर रंग  के सांकेतिक चिन्ह कम हो रहे हैं।

Colour ………………..10

Colour ………………9

Sound ……………..8

Sound ……………7

Sound …………6

Sound ……….5

Sound …….4

Sound……3

Sound …2

Sound ..1

Sound .0

अब आप फिल्म को ब्लैक एंड वाइट और साथ-साथ बिना आवाज के देख रहे हैं ।

पांचवा चरण

हर घटना में एक या दो ऐसे दृश्य होते हैं। जो हमें पूरी घटना को याद दिलाते हैं ।जो हमें बहुत ज्यादा याद रहते हैं ।जब यह ब्लैक एंड वाइट और बिना आवाज की मूवी उन दृश्यों तक पहुंचती है। तो इसे रोक दें और कल्पना करें कि अब यहां एक ब्लैक एंड वाइट  फोटो की तरह दिख रही है।  अब कल्पना करेंगे इस फोटो पर आपने फोटो फ्रेम चढ़ा दी  है।  अब आप कल्पना करेंगे की आप इस फोटो पर ब्लैक कलर कर रहे हो।यह तस्वीर अब पूरी तरह से काली हो गई  है।

अब इसमें कुछ भी नजर नहीं आ रहा है ।आप जो कांच की पारदर्शक दीवार भी है। उसको भी पूरी तरह से काले पेंट से काली कर दें। कल्पना करें कि अब यह दीवार भी पूरी तरह से काली हो गई है। औरआप कुछ भी नहीं देख पा रहे हैं।  कल्पना करें कि ऊपर से बारिश हो रही है और वह कांच के दीवार के ऊपर पढ़ रही है । कांच की दीवार पर जो काला रंग है बहुत धीरे-धीरे साफ हो रहा है। कल्पना करेंगे बारिश उस फोटो पर भी गिर रही है और वह भी धीरे-धीरे साफ हो रही है। कल्पना करें कि वह पानी आपके पैरों से होता हुआ पीछे की तरफ निकल गया है ।वह फोटो फ्रेम अब पूरी तरह से ब्लैंक हो गई है। कल्पना करें कि बारिशने पूरी फिल्म के दृश्यों को पूरी तरह से धो दिया है ।

छठा चरण

आप कल्पना करें कि आपके हाथ में जो रिमोट है । उसका  बटन आपने दबाया है । कल्पना करें कि अब टीवी आसमान की तरफ उड़ता हुआ जा रहा है ,जा रहा है ,जा रहा है और वह आपको छोटा सानजरआ रहा है । कल्पना करें कि टीवी बादलों से भी ऊपर चला गया है और सूरज के साथ टकराकर टुकड़े टुकड़े हो गए हैं और वह गायब हो गया है।

सातवां चरण

आप कल्पना करें कि आपके सामने की कांच की दीवार धीरे-धीरे हट रही है । उसके आगे जो लकड़ी का छोटा सा टेबल रखा था । उसके ऊपर एक बड़ी सी एलईडी (LED) रखी हुई है और उसका रिमोट आपके हाथ में  है । कल्पना करें  कि आपने एलईडी (LED) का रिमोट का बटन दबाया और अब आप एलईडी (LED) पर आपके वही अच्छी  घटना वाली फिल्म चल पड़ी है। देखो आप उसमें किस तरह से खुश लग रहे हैं, किस तरह से लोग आपको शाबाशी (Appreciate) कर रहे हैं ।देखिए और  एहसास कीजिए कि आपको बहुत अच्छा लग रहा है।आपके अंदर यह  अच्छे वाला एहसास और ज्यादा बढ़ता जा रहा है ।

1 2 3……..10

1 2 3……..10 11

1 2 3……..10 11 12

1 2 3……..10 11 12 13

1 2 3……..10 11 12 13 14

1 2 3……..10 11 12 13 14 15

 

आठवां चरण

इस तकनीक के सभी कदम आपने सफलतापूर्वक पूरे कर लिए हैं । अब उस पुरानी घटना को फिर से याद करने का प्रयास करें। आपका अनुभव बिल्कुल  अलग  होगा दृश्य गायब और धुंधले हो गए होंगे। आपको नई घटना याद आ रही होगी। सालों पुरानी यादों को आप कुछ ही क्षण में शक्तिहीन करके उनसे अपने आप को अलग कर सकते हैं। अगर इस घटना से आपके अंदर कोई  भी बुराव्यवहार आया है। तो अब वो धीरे धीरे अपने आप ही समाप्त होना शुरू हो जाएगा ।क्योंकि आपने पेड़ की जड़ों को पूरी तरह से समाप्त कर दिया है। हो सकता है कि आपको अभी भी उस घटना को याद करने पर ऐसा लगे कि वह अभी भी याद आ रही है  ।परंतु धीरे-धीरे वह अपने आप एक-दो दिनों बाद याद आना बंद हो जाएगी। अगर यह याद आपको पुनः दर्द का एहसास कराती है ।तो इसके दो ही कारण हो सकते हैं ।

1.आप ने दिए गए कदमों को सही प्रकार से नहीं किया है। अगर ऐसा है तो दोबारा से इस अभ्यास को करें ।

2.आपका अवचेतन मन से बुलाना नहीं चाहता है मतलब आपके अवचेतन मन के लिए यह करना बहुत महत्वपूर्ण है। अगर आपका अवचेतन मन इस घटना को मजबूती से पकड़े बैठा है। तो समझ लीजिए ऐसा करके आपका अवचेतन मन आपकी सहायता कर रहा है।

इस तरह से आप अपनी भूतकाल की दर्द भरी यादों से छुटकारा पा सकते हैं।